आपसी मनमुटाव को आज ही मिटाये- संघनायक प्रिय दर्शन मुनि

आपसी मनमुटाव को आज ही मिटाये- संघनायक प्रिय दर्शन मुनि

पिपलिया राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 1 जनवरी ।

संघनायक गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि जी म. सा. ने पिपलिया बाजार जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाग्यशालियों
आज 01 जनवरी है अंग्रेजी मान्यता के हिसाब से आज नया साल है। लेकिन जैन धर्म के हिसाब से संवत्सरी को नया साल माना जाता है।
संघनायक गुरु भगवन ने कहा कि याद रखें जब तक एक भी साधु, साध्वी, श्रावक, श्राविका जब तक रहेंगे। तब तक संस्कृति व भगवान का शासन रहेगा। लेकिन उनके बाद जब संस्कृति व धर्म नष्ट हो जाएंगे। फिर उसके बाद जब पुनः नई सृष्टि का सृजन होगा।वह दिन संवत्सरी का होता है।

जब इंसान गलत जीवन शैली का त्याग कर शुद्ध सात्विक जीवन शैली को स्वीकार करेगा, वो दिन संवत्सरी का होता है। इसी कारण से जैनियों का नव वर्ष संवत्सरी को माना जाता है।

संघनायक प्रिय दर्शन मुनि ने अपने प्रवचन में फरमाया कि यह नववर्ष के दिन आते हैं प्रेम,प्यार,सौहार्द को बढ़ाने के लिए। आप आज नया कैलेंडर लगाते हैं तो आज चिंतन करना है कि अब मुझे पुराना वैर, पुराना संस्कार नहीं रखना, पुराने राग – द्वेष व कषायों को अब मुझे छोड़ना है, आज से नया जीवन जिऊंगा। पुरानी गाड़ी, पुराने कैलेंडर के साथ-साथ अपने स्वभाव को भी बदलने का प्रयास करो।


उन्होंने एक भजन गाकर श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भजन की पंक्तियों में अब आपको परमात्मा का हाथ पकड़ना है और सरलता वाला और विनयवान व्यक्ति ही परमात्मा का हाथ पकड़ सकता है।आज यदि सास – बहू में, पति-पत्नी में,पिता -पुत्र में यदि अनबन चल रही हो,यदि मेरी वजह से परिवार में कटुता या जहर फैला हो तो, आज मैं सबसे क्षमायाचना करूंगा। लेकिन क्षमायाचना में सबसे बड़ा बाधक आपका “इगो” है। अहंकार है। अहंकार तो राजा रावण व दुर्योधन का भी नहीं रहा। और इसी के विपरीत युधिष्ठिरजी विनम्रता से युक्त बने तो युद्ध में विजय श्री को प्राप्त कर लिया।
अगर आपके झुकने से घर, परिवार, समाज, देश व राष्ट्र बच सकता हो तो उसके लिए झुक जाने का प्रयास करें। गलती को स्वीकार करने का प्रयास करें। अगर ऐसा प्रयास व पुरुषार्थ रहा तो यत्र- तत्र-सर्वत्र आनंद ही आनंद होगा।
कुंदन भवन में आज होगा पदार्पण
श्री प्राज्ञ मित्र समिति के अध्यक्ष समाज सेवी रतनलाल भंसाली ने बताया कि संघनायक प्रियदर्शन मुनि अपने सहयोगी संतों के साथ शुक्रवार सवेरे पिपलिया बाजार धर्म सभा में प्रवचन के तत्काल बाद पिपलिया बाजार जैन स्थानक से विहार कर मेवाड़ी गेट से श्री प्राज्ञ मित्र समिति के पुरजोर आग्रह एवं विनती पर कुंदन नगर प्राज्ञ भवन में मंगल प्रवेश करेंगे जहा उनका अल्पकालीन प्रवास होगा। संघ महामंत्री भंडारी एवम गौतम हिंगड़ ने धर्म प्राण श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं से संघनायक गुरुदेव के मंगल विहार यात्रा एवम कुंदन नगर प्राज्ञ भवन में आयोजित प्रवास कार्यक्रम,व्याख्यान,
धर्म एवम तत्व चर्चा,रात्रि प्रश्नोत्तरी जिज्ञासा समाधान,प्रतिक्रमण,पौषध
संवर में भाग लेकर अपने कर्मों की भव्य निर्जरा कर पुण्य का बंधन करे।

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