महासमुंद(अमर छत्तीसगढ़) 2 मई । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी गैस के गबन का मामला सामने आया है। जहां सुरक्षित रखरखाव के लिए सुपुर्द किए गए 6 कैप्सूल से करीब 90 मीट्रिक टन गैस गायब कर दी गई। गायब गैस की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना सिंघोड़ा क्षेत्र में जब्त 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को सुरक्षा कारणों से ठाकुर पेट्रोकेमिकल, उरला (अभनपुर) को सुपुर्द किया गया था। सुपुर्दनामे के बाद आरोपियों ने गैस की हेराफेरी कर दी।
जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला आपराधिक न्यासभंग का है। जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी के मालिक, डायरेक्टर और प्लांट मैनेजर ने मिलकर साजिश रची। उन्होंने 31 मार्च से 6 अप्रैल के बीच सभी कैप्सूलों से गैस को अवैध रूप से खाली करवा दिया।

प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह काम मालिक और प्रबंधन के निर्देश पर किया। इससे साजिश की पुष्टि हुई। गैस की कमी के दौरान आरोपियों ने डेढ़ से दो गुना कीमत पर अवैध बिक्री की। कच्चे बिल और रजिस्टर के माध्यम से यह कारोबार संचालित किया जा रहा था। रायपुर की कई एजेंसियों ने चोरी की गैस खरीदकर उसे बाजार में खपाने में मदद की। इन सभी की जांच की जा रही है।
सुपुर्दनामे के बाद कैप्सूल का समय पर वजन नहीं कराया गया। बाद में गैस खाली करने के बाद तौल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों से छेड़छाड़ की और बिना बिल वाले लेन-देन का रजिस्टर गायब कर दिया।
इस मामले में बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

