खून दुध व वातावरण की वजह से बच्चे संस्कारी बनते है। बच्चो को धनवान नही पुण्यवान बनावें।…शासन दीपक श्री विनम मुनि जी म सा

खून दुध व वातावरण की वजह से बच्चे संस्कारी बनते है। बच्चो को धनवान नही पुण्यवान बनावें।…शासन दीपक श्री विनम मुनि जी म सा

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 21 जुन।
इस ज्योतिर्मय संस्कार शिविर का समापन्न रविवार को जवाहर भवन के प्रांगन मे जैन समाज के पदाधिकारी की उपस्थिती मे समापन हुआ।
श्री अखिल भारतवर्षिय साधुमार्गी जैन संघ के तत्वावधान मे ज्योतिर्मय संस्कार शिविर के अंतर्गत आयोजित परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन बिरद मे किया गया वही परीक्षा में लगभग 200 से अधिक शिविरार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
इससे पहले नानेश रत्नम मे शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म सा ने बच्चों को शिविर का मतलब समझाया शिविर विनय पूर्वक शिक्षा मे रहना होता है, हमे संस्कारी जीवन जीना चाहिए, शिक्षा के गुण के साथ संस्कारो.की शक्कर डाले ताकि संकल्प जीवन जी सके।
म सा ने माता पिताओ को कहा बच्चों को संस्कार दिलाने के लिए शिविर मे भेजे बच्चो को धनवान नही पुण्यवान बनावे नोटो को छापने की मशीन नही बनावें, खून दुध व वातावरण मे संस्कारो को ढलने का प्रयास करावें। यही शिविर बच्चों को संस्कारी बनाते है।
इससे पहले श्री रोहित मुनि जी म सा ने कहा जिनशासन मे रत्नो की खान हे,बच्चो को सदैव उपवास के लिए प्रेरित करे कभी भी मना नही करें।जिंदगी मे घबराहट नही होनी चाहिए, असत्य नही हो, बच्चो को चोविहार करने की प्रेरणा देवें एक छोटे बच्चो की कहानी के अनुसार समझाया कैसै धोवन पानी से लेकर दीक्षा प्रेरणा मिली क्योंकि छोटा बच्चा सुनकर ही समझता है।


म सा ने कहा बच्चों को अच्छे काम के लिए कभी भी घबराना नही चाहिए,कुछ भी हो नीयम नही छुटे, खुद की कहानी बतावे, सयोम का विचार आना बहुत बडी बात ओतने है,सयंम के भाव आवे तो पीछै नही रहे, सयंम के मेरे भाग जगे मेरे नाम के आगे राम लगे..महाराज बनने से रोकने की ताकत दुनिया मे किसी की नही हो सकती, जैसा सोचो वैसा बनो।


जवाहर भवन मे समापन की शुरुआत मंगलाचरण से काजल एंड पार्टी व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया वही बच्चों ने जो कुछ सीखा वो स्टेज पर आकर बताया गया सेवा देने वालो व टीचरो का सम्मान पदाधिकारी द्वारा किया गया, समता महिला मंडल की संरक्षिका वीना नाहर व शिविर सयोजिका प्रीती देढिया का स्वागत सम्मान बहुमान किया गया।


वही बच्चो मे बच्चो मे फर्स्ट आने वाले अनाया रांका पियांशी सिघंवी, सैकंड मे हार्दिक बोहरा, अनंत डुगंरवाल थर्ड मे मोक्ष कावडिया,जिविशा नाहर, अर्हम चौधरी,राजस कुकडा अर्हम बोहरा।
बेस्ट शिविरार्थी अरव पीपाडा, सयंम मुथा, वर्णिका चण्डालिया रहे इन सभी को पारितोषिक देकर बहुमान किया गया।
महामंत्री धर्मी चंद औस्तवाल ने बताया परीक्षा का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, नैतिक मूल्यों, ज्ञान एवं अनुशासन की भावना का विकास करना था।
परीक्षा वर्ग में एक वर्ग 8 से 12 वर्ष तक की आयु के तथा दूसरे वर्ग में 13 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग से ऊपर के शिविरार्थियों ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में परीक्षा दी। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान,संस्कारों एवं सीखने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया।


समता युवा संघ के महामंत्री मंयक खीचा ने बताया कि दिनांक 14 जून 2026 से बिरद भवन समता भवन में चारित्र आत्माओं श्रद्धेय रोहित मुनि जी म. सा., श्रद्धेय श्रुतप्रभ मुनि जी म. सा.श्रद्धेय प्रमोद मुनि जी म.सा.शासन दीपिका प्रखर श्री जी म.सा. आदि संत सतियों जी ने रोज बच्चो को धार्मिक संस्कार दिये।
परीक्षा में विगत 6 दिवस में जो भी ज्ञान सिखाया गया उसकी आज परीक्षा ली गई।शिविर में डॉ जिनिता जी ने शिविरार्थीयो को “Living Smart in the Digital Age: Exercise, Posture and Screen Balance” पर संबोधन दिया जो कि शिविरार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा।
उतमचंद लोढा ने बताया की इस ज्योतिर्मय संस्कार शिविर परीक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं अच्छे संस्कारों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।
महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल ने कहा शिविर में महावीर पीपाड़ा, रौनक जी बोहरा, प्रतीक्षा जी मेहता एकता जी खींवसरा आदि लोगों ने अपना सहयोग दिया।

इस दौरान साधुमार्गी संघ के अध्यक्ष गौतम चंद चौधरी,वरिषठ उपाध्यक्ष पारसमल खेतपालिया, उपाध्यक्ष चेतन हींगड,महामंत्री धर्मीचंद जी ओस्तवाल,कोषाध्यक्ष निहाल चंद कोठारी,मंत्री कैलाश खीचा,अरविंद जी मुथा,सुधीर डेढ़िया,नरेश श्रीश्रीमाल श्रैणिक नाहर,पवन देढिया,कंवरलाल नाहर, प्रवीण खेतपालिया,वरिष्ट सदस्य शांतिलाल ललवाणी,भंवरलाल समता युवा संघ के महामंत्री मयंक जी खींचा, पदम डुंगरवाल,अक्षत कुकडा, हुक्मीचंद ललवाणी,हैप्पी औस्तवाल,एवंत बाबेल, जौधपुर संघ के अध्यक्ष भागचंद जी सिंघवी नेमी चंद पारख जसराज चौपडा,वरिषठ सदस्य से आदि उपस्थित रहे।

शिविर संयोजक श्रीमती प्रीति जी डेढ़िया ने सभी का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जेन संघ, ब्यावर।

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