कोतबा(अमर छत्तीसगढ़) 26 जुलाई । छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ-हत्या और गौ-तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कोतबा क्षेत्र के बरगोड़ा नाले के पास एक बछड़े की हत्या कर उसका मांस काटकर आपस में बांटा जा रहा था।
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने घटनास्थल से कथित गोमांस, मवेशी के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त हथियार और नकदी बरामद करने का दावा किया है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व जशपुर पुलिस अधीक्षक लाल सिंह उमेद के निर्देशन तथा पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेष जायसवाल के मार्गदर्शन में किया गया। पुलिस का कहना है कि जिले में गौ-तस्करी और गौ-हत्या पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बृजेश यादव अपने स्टाफ के साथ क्षेत्र में गश्त और ग्राम भ्रमण पर थे। इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि बैगाबहार और रोकबहार के कुछ लोग भोर में करीब 3 से 4 बजे के बीच बरगोड़ा नाले के पास एक सुनसान स्थान पर एक बछड़े की हत्या कर चुके हैं और उसका मांस काटकर आपस में बांट रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और गवाहों को साथ लेकर मौके की ओर रवाना हुई। पुलिस टीम ने घटनास्थल की चारों ओर से घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ आरोपी जंगल और खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते उन्हें भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने मुख्य आरोपी रंजीत एक्का को उसकी हीरो मोटरसाइकिल (CG-13-W-8714) पर एक प्लास्टिक की बोरी में लगभग 15 किलो कथित गोमांस ले जाते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। इसके अलावा अन्य आरोपियों को भी आसपास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रंजीत एक्का ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बछड़े की हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले बछड़े के पैर रस्सी से बांधे और फिर कुल्हाड़ी एवं छुरी से हमला कर उसकी हत्या की। इसके बाद मांस के टुकड़े कर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह घटना केवल स्थानीय स्तर तक सीमित थी या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह अथवा मांस तस्करी नेटवर्क का हाथ है।
पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है-
रंजीत एक्का (31 वर्ष), पिता सूबल एक्का, निवासी बैगाबहार, कोतबा
राकेश तिर्की (24 वर्ष), पिता स्व. शंकर तिर्की, निवासी बैगाबहार
मेघनाथ तिर्की (42 वर्ष), पिता स्व. अर्जुन तिर्की, निवासी बैगाबहार
विनय तिग्गा (26 वर्ष), पिता लिखन तिग्गा, निवासी बैगाबहार
अमलेश तिग्गा (32 वर्ष), पिता लिखन तिग्गा, निवासी बैगाबहार
हीरालाल तिर्की (45 वर्ष), पिता स्व. रतीराम तिर्की, निवासी बैगाबहार
मनमोहन तिग्गा (32 वर्ष), पिता स्व. मेघनाथ तिग्गा, निवासी रोकबहार
अबाहम कुजूर (31 वर्ष), पिता स्व. बेनेदिक कुजूर, निवासी रोकबहार
संजय तिग्गा (26 वर्ष), पिता स्व. लालसाय तिग्गा, निवासी हाई स्कूल पारा, कोतबा
अनप भगत (21 वर्ष), पिता दशरथ राम भगत, निवासी हाई स्कूल पारा, कोतबा
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 5, 6 एवं 10 के तहत मामला दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या अवैध मांस तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गौ-तस्करी, गौ-हत्या या किसी भी अन्य अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

