महान संतों के गुणों को अंगीकार कर जीवन बना सकते सार्थक- मुकेश मुनिजी… मन की चंचलता को नियंत्रित एवं स्थिर करने का माध्यम स्वाध्याय- हरीश मुनिजी
हुबली कर्नाटक (अमर छत्तीसगढ) ,1 फरवरी। पूज्य दादा गुरूदेव मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा., लोकमान्य संत, शेरे राजस्थान, वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य…










