पूना महाराष्ट्र (अमर छत्तीसगढ़) ,24 जुलाई। राष्ट्रसंत आचार्य भगवान आनंदऋषिजी म.सा. के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में गुरूवार को मरूधरा मणि महासाध्वी जैनमतिजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना जिनशासन प्रभाविका वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा. के सानिध्य में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कात्रज दत्त नगर आनंद दरबार श्रीसंघ के तत्वावधान में आगम पर्व-2025 के तहत उर्जावान लोगस्स हिलिंग साधना की गई।
इस दौरान 51 हजार लोगस्स का लाभ प्राप्त हुआ। इसके माध्यम से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक एनर्जी से शारीरिक,मानसिक, आध्यात्मिक एवं आर्थिक समस्याओं का समाधान प्राप्त होने की मंगलकामना की गई।
लोगस्स हिलिंग साधना शुरू होने से पूर्व रोचक व्याख्यानी प्रबुद्ध चिन्तिका डॉ. दर्शनप्रभाजी म.सा. एवं तत्वचिन्तिका आगम रसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा. ने इसके होने वाले दिव्य प्रभावों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि अनंत तीर्थंकरों की शक्ति व उर्जा लोगस्स पाठ में समाई हुई है। उनकी पावन एनर्जी मन में महसूस करें हमारे पूरे शरीर में हल्कापन महसूस होगा। इससे बढ़कर पावन व पावरफूल दूसरा कोई पाठ नहीं हो सकता। तीर्थंकर देते हुए दिखाई नहीं देते लेकिन हमे इतना दे जाते है जिसकी कल्पना भी हम नहीं कर पाते है।

तीर्थंकर अपने नाथ व सर्वेसर्वा है उन्हें हमेशा अपनी भक्ति से खुश रखों तो सब तुम्हारे से खुश रहेंगे। तीर्थंकर प्रसन्न है तो हमे ओर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आराधना को करने से दिव्य उर्जा एवं दिव्य प्रकाश हमेशा हमारे चारों तरफ रहता है।
ये हमारी नकारात्मक उर्जा को बाहर निकालते हुए पॉजिटिव एनर्जी प्रदान करता है। लोगस्स की आराधना हमारी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, पारिवारिक हर तरह की समस्याओं का समाधान करती है। उन्होंने कहा कि लोगस्स की आराधना के माध्यम से तीर्थंकरों की स्तुति करने से अशुभ कर्म क्षय होते है। लोगस्स के सामूहिक पाठ को शुरू करने से पूर्व 24 तीर्थंकर भगवान को नमन किया गया।

इसके बाद लोगस्स के सामूहिक पाठ के माध्यम से सर्वमंगल की कामना एवं अरिहन्त प्रभु सहित 24 तीर्थंकरांें की आराधना की गई। पूज्य महासाध्वी दर्शनप्रभाजी म.सा. ने कहा कि लोगस्स की आराधना सभी प्रकार के संकट हरणे वाली होती है।
इससे जाप आराधक सीधे तीर्थंकरों की उर्जा से जुड़ते है। तीर्थंकरों की साधना कभी निष्फल नहीं होती। कर्म निष्फल हो सकते लेकिन धर्म नहीं। यदि विधि सहित लोगस्स पाठ की आराधना हो तो सर्वप्रकार आनंद का वातावरण बनता है।
तीर्थंकरों की उर्जा भक्त के अंदर इतनी सकारात्मक शक्ति लाती है कि उसके भीतर परिवर्तन होना शुरू हो जाते है। जब भी समय मिले लोगस्स पाठ का उच्चारण करते रहे नकारात्मक विचार आना बंद हो जाएंगे।

आयोजन में सेवाभावी दीप्तिप्रभाजी म.सा. एवं विद्याभिलाषी हिरलप्रभाजी म.सा. का भी सानिध्य रहा। लोगस्स हिलिंग साधना के अंत में पांच लक्की ड्रॉ भी निकाले गए। साधना के बाद गौतम प्रसादी का आयोजन भी किया।
आनंद दरबार श्रीसंघ के अध्यक्ष बाळासाहब धोका ने आयोजन में सक्रिय सहभागी बन सफल बनाने वाले सभी श्रावक-श्राविकाओं के प्रति आभार जताया। आयोजन में पूना व आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रावक-श्राविका बड़ी संख्या में मौजूद थे।

तपस्याओं की लगी होड़, नौ जनों ने एक साथ लिए सात-सात उपवास के प्रत्याख्यान
महासाध्वी मण्डल की प्रेरणा से चातुर्मास में त्याग तपस्याओं का दौर भी जारी है। धर्मसभा में बुधवार को उस समय हर्ष-हर्ष, जय-जय के जयकारे गूंजायमान हो उठे जब नौ श्रावक-श्राविकाओं ने एक साथ सात-सात उपवास के प्रत्याख्यान महासाध्वी मण्डल से ग्रहण किए।
प्रत्याख्यान लेने वाले तपस्वियों में सौ.सविता सुरजमलजी धोका, सौ.दीपिका गुंदेचा, कु.समा पगारिया, सौ. उन्नति रूपेश बेदमुथा, प्रिमेश अनिल धारीवाल, अरिहन्त निलेश लुणावत, अतुल रमेशलाल छाजेड़, विजय चंपालाल लोढ़ा, रूपेश पन्नालाल बेदमुथा, अनिल धारीवाल शामिल थे।

महासाध्वी मण्डल ने तपस्या की अनुमोदना करते हुए सभी तपस्वी भाई बहनों के प्रति मंगल भावनाएं व्यक्त की। महासाध्वी दर्शनप्रभाजी म.सा. ने अधिकाधिक तप त्याग करने की प्रेरणा देते हुए घर-घर तेला, हर घर तेला का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि पूज्य गुरूदेव मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. की 135वीं एवं लोकमान्य संत, शेरे राजस्थान, वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्रीरूपचंदजी म.सा. की 98वीं जयंति के उपलक्ष्य में 2 से 4 अगस्त तक सामूहिक तेला तप का आयोजन किया जा रहा है।
गुरू द्वय जयंति समारोह का आयोजन 4 अगस्त को महासाध्वी मण्डल के सानिध्य में आनंद दरबार श्रीसंघ के तत्वावधान में होगा। कई श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास, आयम्बिल, एकासन आदि तप के प्रत्याख्यान लिए। धर्मसभा का संचालन श्रीसंघ के सौरभ धोका ने किया।
चातुर्मास सम्पर्क सूत्रः
श्री बाळासाहब धोका
संघपति, आनंद दरबार
मो.9822039728
प्रस्तुतिः अरिहन्त मीडिया एंड कम्युनिकेशन,

