राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ) 8 अगस्त।
राजनांदगांव की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। साई प्रशिक्षण केंद्र राजनांदगांव और डॉ. जेबी सिंह मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अंडर 19 बालिका बास्केटबॉल टीम ने कटक में आयोजित सीबीएसई क्लस्टर द्वितीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में सुशीला बिरला बालिका स्कूल को 51-09 के भारी अंतर से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली।
यह जीत न केवल खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है, बल्कि प्रशिक्षकों और प्रबंधकों के मार्गदर्शन का भी सजीव उदाहरण है। प्रतियोगिता के दौरान टीम की एकजुटता, गति, और रणनीति ने विरोधी टीम को पूरे खेल में दबाव में रखा।
टीम की कप्तान निशा यादव ने उत्कृष्ट नेतृत्व करते हुए अपनी टीम को मजबूती प्रदान की।
वहीं आयुषी पटेल, ईशा सिंह, नताशा प्रजापति, पूजा कंवर, तमन्ना, तन्नु, मनु सिंह, हर्षिका, श्रुति, अंजलि और सुमी ने अपने-अपने पोजीशन पर बेहतरीन खेल दिखाया। हर खिलाड़ी ने जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में साई कोच दिव्या धारावत का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक रूप से सशक्त बनाया। वहीं टीम प्रबंधक अवनी यादव ने पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम की तैयारी और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। उनके कुशल मार्गदर्शन ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को और बढ़ाया।
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शुरू से ही राजनांदगांव की टीम के पक्ष में झुका रहा। पहले क्वार्टर से ही टीम ने तेज आक्रामक खेल दिखाते हुए बढ़त बनाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। डिफेंस में सख्ती और आक्रमण में धार ने विरोधी टीम को सिर्फ 9 अंकों पर रोक दिया, जबकि खुद 51 अंक बनाकर जीत को यादगार बना दिया।

स्थानीय खेल प्रेमियों और स्कूल प्रबंधन ने इस जीत पर खिलाड़ियों को बधाई दी है। डॉ. जेबी सिंह मेमोरियल स्कूल के प्राचार्य ने कहा, “हमारी बेटियों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और टीमवर्क से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।” वहीं साई प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि यह जीत आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जीतें न केवल जिले के खेल स्तर को ऊंचा उठाती हैं, बल्कि युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और भागीदारी को भी बढ़ावा देती हैं।
राजनांदगांव की इस बालिका बास्केटबॉल टीम की सफलता यह संदेश देती है कि छोटे शहरों की खेल प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता है।
इस उपलब्धि के साथ टीम अब अगले स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो रही है, जहां उनका लक्ष्य और भी बड़ी जीत हासिल करना होगा।

