भगवान से नाराज होकर करने लगा मंदिरों में चोरी : मुराद नहीं हुई पूरी तो गुस्साकर दान पेटी करने लगा चोरी, आरोपी गिरफ्तार

भगवान से नाराज होकर करने लगा मंदिरों में चोरी : मुराद नहीं हुई पूरी तो गुस्साकर दान पेटी करने लगा चोरी, आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग(अमर छत्तीसगढ) 28 अगस्त। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चोरी के मामले आम तौर पर सुनने में आते रहते हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसे अपराधी सामने आते हैं जो पूरी कहानी को एक अलग ही मोड़ दे देते हैं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से भी एक ऐसा अनोखा चोर सामने आया है, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और अपनी नाराजगी भगवान पर निकालते हुए जिले के कई मंदिरों की दान पेटियों को अपना निशाना बनाता रहा।

मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले का रहने वाला यशवंत उपाध्याय नामक युवक पिछले कुछ सालों से गंभीर बीमारी से पीड़ित था। लगातार इलाज और बीमारी के तनाव के चलते उसका भगवान पर से भरोसा उठ गया। इसी नाराजगी में उसने दुर्ग जिले के लगभग 10 मंदिरों में चोरी की।

चोरी करने से पहले आरोपी जिस मंदिर को निशाना बनाता था, उसकी रेकी करता था। रेकी पूरी होने के अगले दिन वह अपनी जूपीटर गाड़ी से मंदिर के पास पहुंचता और कुछ दूरी पर गाड़ी खड़ी कर देता। इसके बाद वह कपड़े बदलकर पैदल मंदिर तक जाता और ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम देता।

चोरी करने के बाद वह वापस अपनी जूपीटर के पास लौटता और फिर से कपड़े बदलकर निकल जाता था। आरोपी बार-बार कपड़े बदलता था, जिसके कारण उसकी पहचान सीसीटीवी फुटेज में आसानी से नहीं हो पा रही थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी करने के बाद आरोपी मुख्य मार्ग का उपयोग नहीं करता था, बल्कि गली-मोहल्लों के रास्तों से भागता था ताकि कैमरों की जद में न आ सके। अब तक उसने 10 अलग-अलग मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया है।

पुलिस ने बताया कि शहर के जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों द्वारा अपने घरों और दुकानों में लगाए गए अच्छी क्वालिटी वाले कैमरों की वजह से आरोपी की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी में बड़ी मदद मिली।

पुलिस का कहना है कि यदि नागरिक इसी तरह जागरूक रहें तो इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं को घटित होने से रोका जा सकता है।

आरोपी ने थाना नेवई (2 मामले), सुपेला (3 मामले), पद्मनाभपुर (1 मामला), भिलाई भट्ठी (2 मामले) और भिलाई नगर (1 मामला) सहित कई थानों में मंदिरों में चोरी करने की बात स्वीकार की है, जिनमें अपराध पंजीबद्ध हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपी यशवंत उपाध्याय वर्ष 2011-12 में मारपीट के एक प्रकरण में जेल गया था। जेल में उसकी मुलाकात पहले से निरुद्ध चोरी के अन्य अपराधियों से हुई।

वहीं से उसका मन चोरी की ओर झुक गया। वर्ष 2012 में जेल से छूटने के बाद उसने मंदिरों में चोरी करना शुरू कर दिया। फिलहाल पुलिस ने यशवंत उपाध्याय को गिरफ्तार कर उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है।

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