चंडीगढ़ (अमर छत्तीसगढ)- 3 जनवरी 2026
पंजाब लोक भवन का सभागार उस समय केवल एक भवन नहीं रहा, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का जीवंत तीर्थ बन गया, जब विश्व शांति, मानव कल्याण और सार्वभौमिक सद्भाव की भावना के साथ नवकार महामंत्र का विराट महाजाप संपन्न हुआ।
श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि, डॉ द्वीपेंद्र मुनि, डॉ पुष्पेंद्र मुनि महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सामूहिक चेतना आध्यात्मिक उद्देश्य से एकत्र होती है, तब मंत्र केवल ध्वनि नहीं रहते, वे ऊर्जा में परिवर्तित होकर वातावरण को रूपांतरित कर देते हैं।

मंत्रोच्चार से जागृत हुई सामूहिक चेतना
सैकड़ों श्रद्धालुओं की एकाग्र साधना से उठती नवकार महामंत्र की नादधारा ने लोकपाल भवन (राज भवन) के कण-कण को स्पंदित कर दिया। डॉ पुष्पेंद्र मुनि द्वारा “णमो अरिहंताणं…” की लयबद्ध गूँज ने उपस्थित जनसमूह को एक ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की, जहाँ व्यक्ति स्वयं से ऊपर उठकर समाज और विश्व के लिए मंगल की कामना करता दिखाई दिया।
आयोजन के दौरान अनुशासन, शांति और गहन तन्मयता का जो दृश्य उपस्थित हुआ, वह आधुनिक समय में सामूहिक साधना की दुर्लभ मिसाल बना।
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक सुश्रावक गुलाबचंद कटारिया ने अपने उद्बोधन में नवकार महामंत्र की दार्शनिक गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि यह मंत्र किसी देवी-देवता या अवतार विशेष की स्तुति नहीं करता, बल्कि अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधुकृइन पंच परमेष्ठियों के गुणों को नमन करता है।

यही कारण है कि नवकार महामंत्उ पाध्याय पुष्कर मुनि व आचार्य देवेन्द्र मुनि के साथ बिताए गए आंतरिक क्षणों को साझा करते हुए कटारिया ने कहा कि उन्होंने स्वयं अनेक बार इस मंत्र के अकल्पनीय प्रभावों का साक्षात्कार किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि श्रद्धा, एकाग्रता और आत्मिक अनुशासन का परिणाम है।
उन्होंने माता-पिताओं से आग्रह किया कि वे आने वाली पीढ़ी को नवकार महामंत्र के अर्थ, मूल्य और आध्यात्मिक प्रभाव से परिचित कराएं, ताकि युवा वर्ग मानसिक तनाव, हिंसा और भटकाव से दूर रह सके।
“परस्परोपग्रहो जीवनम्”ः आज के युग का महामंत्र –
अपने संबोधन में राज्यपाल ने जैन दर्शन के मूल सूत्र “परस्परोपग्रहो जीवनम्” को आज के वैश्विक संदर्भ में व्याख्यायित किया।

उन्होंने कहा कि यह सूत्र केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का घोषणापत्र है। सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर हैंकृयह भावना यदि समाज और राष्ट्रों के बीच विकसित हो जाए, तो संघर्ष, शोषण और युद्ध स्वतः समाप्त हो सकते हैं।
श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि ने अपने प्रवचन में नवकार महामंत्र की आध्यात्मिक महिमा को गहराई से प्रतिपादित किया। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन में नवकार महामंत्र को अनादि, अनंत और सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना गया है। यह शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा की सतत प्रवाहित धारा है।

उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह व्यक्ति-पूजा से ऊपर उठकर गुण-पूजा की प्रेरणा देता है। यह मंत्र आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सीधा मार्ग है। श्रद्धा और निष्ठा के साथ किया गया जाप पाप कर्मों की निर्जरा करता है, मन को शांति, साहस और आत्मबल प्रदान करता है तथा साधक को मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
“यह सर्व मंगल मांगल्यम् है”कृदिनेश मुनि का यह कथन पूरे आयोजन का सार बन गया।
समारोह के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि का भव्य अभिनंदन किया।
उल्लेखनीय है कि सलाहकार दिनेश मुनि का दो दिवसीय प्रवास लोक भवन में रहा, जहां पर राज्यपाल सुश्रावक श्री गुलाबचंद कटारिया, धर्मपत्नी सुश्राविका अनीता जी कटारिया, शिवकुमार बागरेचा, राखी बागरेचा, मुकेश सांड, अणु सांड सहित कटारिया परिवार के सदस्यो ने गुरु सेवा भक्ति की।

