ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 31 जनवरी।
(प्रकाश जैन)
देश के प्रमुख जैन तीर्थ श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव महातीर्थ में पूनम रविवार को श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव देव के जयकारों के साथ नवकार महामंत्र की भी गूंज होगी।
नाकोड़ा महातीर्थ ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष यूवा समाजसेवी जीतू भाई चोपड़ा ने बताया कि महातीर्थ में पूनम की विशेष महत्ता के चलते इस दिन देश के विभिन्न कोनों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।।
नाकोड़ा ट्रस्ट के अध्यक्ष,देश के प्रसिद्ध भामाशाह रमेश मुथा ने बताया कि महातीर्थ के प्रति 36 लोगों की आस्था,श्रद्धा दिनोदिन बढ़ती जा रही है। युवा पीढ़ी का तीर्थ के महान चमत्कारी अधिष्ठायक देव श्री नाकोड़ा भैरव देव के प्रति बहुत गहरी श्रद्धा आस्था एवं समर्पण भाव है। तीर्थ में पूनम की विशेष महत्ता है।

पूनम को लगता मेला जैसा नजारा
श्री नाकोड़ा तीर्थ ट्रस्टी गौतम सालेचा ने बताया कि तीर्थ में पूनम के खासे महत्व के मध्यनजर देश के सुदूर क्षेत्रों सहित विदेश से भी भक्त श्रद्धालु हजारों की तादाद में पहुंचते है।
पूनम के एक दिन पहले ही श्रद्धालुओ का आवागमन तीर्थ में शुरू हों जाता है। जो पूनम देर शाम तक लगातार जारी रहता है। तीर्थ में पूनम को मेले जैसा दिव्य एवं भव्य नजारा रहता है। भक्त श्रद्धालु श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव देव के दर्शन कर भजन भावो में दिन भर डूबे रहते हैं ।

ब्यावर सहित अनेक स्थानों से पहुंचते है जत्थे
युवा समाज सेवी तीर्थ के सेवा समर्पित कोषाध्यक्ष जीतू भाई चौपड़ा ने बताया कि पूनम को ब्यावर सहित अजमेर किशनगढ़, बिजयनगर,
भीलवाड़ा सहित देश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालुओं के जत्थे बसों एवम अन्य साधनों से यहां पहुंचते है। जिनकी आवास प्रवास एवम भोजन की समुचित एवम शानदार व्यवस्था तीर्थ प्रबंधन द्वारा की जाती है। यात्रियों की ज्यादा आवाजाही पर तीर्थ स्थित शानदार भवन के अलावा तीर्थ के समीप रिसोर्ट में आवास की उचित दर पर व्यवस्था की जाती है।

भक्त श्रद्धालुओं को ब्यावर के गायक प्रभु भक्ति में गहरे गोते लगवाते हैं
ब्यावर के ख्यातिप्राप्त एवम उभरते गायक नाकोड़ा धाम के मुख्य मंदिर के बाहर पूनम को अलभोर 3.15
बजे से अपने भजनों की शानदार भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्री नाकोड़ा भैरव देव को रिझाते हुए समूचे तीर्थ को गुंजायमान करते है।
पूनम को आयोजित भक्ति प्रभात का दिव्य आगाज जैन धर्म के शक्ति शाली महामंत्र नवकार के सामूहिक जाप से होता है। अलभोर नवकार महामंत्र की स्वर लहरियों से सम्पूर्ण तीर्थ अध्यात्म एवं भक्ति से सराबोर हो जाता है।

ब्यावर के गायक शैलेश कोठारी,आशीष जैन,अशोक कोठारी, प्रकाश जैन,सुमित कोठारी सहित अन्य गायक मुख्य मंदिर के पट्ट खुलने तक जैन धर्म के 23 वे तीर्थंकर श्री पार्श्व नाथ भगवान एवम श्री नाकोड़ा भैरव देव की भक्ति में भक्तों को गहरे गोते लगाते हुए पूरे तीर्थ का वातावरण भक्ति भावो से परिपूर्ण कर देते हैं।
विगत 45 वर्षों से निरंतर जाने वाले मायानगरी मुंबई के परम भैरव भक्त लब्ध प्रतिष्ठित व्यवसाई मनोज शोभावत बताते है कि नाकोड़ा तीर्थ जन्नत है।तीर्थ में अपार सुख शांति , दिव्य आनंद की अनुभूति होती है। पूनम को अल भोर भक्ति करने से भक्त पूरे माह चार्ज हो जाते है। नगर के गायक चंदु बोहरा एवम दिनेश तातेडबताते है कि तीर्थ में आने एवम भक्ति करने में जबरदस्त सकून मिलता है। नाकोड़ा भैरव दादा हारे के सहारे है। हर समस्या का दादा के दरबार में दर्शन मात्र से निवारण हो जाता है। श्री सीमेंट के उपाध्यक्ष आर एन डाणी बताते है कि तीर्थ में विराजित श्री नाकोड़ा भैरव देव सबकी मुरादों को पूर्ण करते हैं हर भक्त की झोली एवम दामन को खुशियों से भरते हैं। उनका इस तीर्थ में बार बार आने का मन करता है।
पूनम पर सैकड़ो भक्त जाते हैं नाकोड़ा
ब्यावर से श्री नाकोड़ा महातीर्थ पर गहरी आस्था एवम श्रद्धा रखने वाले भक्तों ने विगत कई वर्षों से ब्यावर नगर में श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव दादा के नाम से मंडलों का गठन कर रखा है। सभी मंडल पूनम को नाम मात्र शुल्क पर नगर वासियों को तीर्थ की शानदार शाही यात्रा करवाते है।
जानकारी के मुताबिक मंडल की तीन बसों एवम अन्य साधनों से सैकडों श्रद्धालु तीर्थ में पूनम को अपनी हाजिरी देते हैं। मंडल द्वारा जाने वाली बसों में यात्रियों की शाही सुविधा उपलव्ध कराई जाती है। मंडल की बसों में जाने वाला मंडल की सेवा से बहुत पुलकित एवम प्रफुल्लित रहते है। मंडल की बसों में रेलवे की तर्ज पर वेटिंग लगी रहती हैं। नाकोड़ा के भक्त बसों में जाने हेतु आतुर रहते हैं।
पूरे दिन गूंजते है पार्श्व भैरव दादा के जयकारें
श्री नाकोड़ा महातीर्थ के सीओ सुरेंद्र राज सिंघवी ने बताया कि पूनम को अल भोर से पूरे दिन एवम रात तीर्थ में श्री नाकोड़ा पार्श्व नाथ एवम श्री नाकोड़ा भैरव दादा के जयकारों की गूंज गूंजती रहती है।
अलभोर से ही मुख्य मंदिर के बाहर एक और जहां भक्ति की बयार बहती है वहीं दूसरी ओर पूजा करने वालो की लंबी लंबी कतारें पूनम को सहज देखी जा सकती है।पूजा अर्चना करने वालों में जबरदस्त होड़ रहती है। पूजा करने वालो के साथ साथ दर्शन करने वालों की भारी भीड़ के चलते कतार मंदिर के मुख्य गेट के बाहर पहुंच जाती हैं।
आरती के चढ़ावे की बोलियों में पूनम को जबरदस्त होड़ मचती है। तीर्थ के प्रति आस्थावान श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं की तमन्ना रहती है की इस दिन भगवान एवं दादा की आरती वे परिवार सहित करे। भाग्यशाली एवम पुण्य शाली आरती की बोली छुड़ाकर बहुत अभिभूत दिखाई देता है।
युवाओं की तीर्थ के प्रति गहरी आस्था
श्री नाकोड़ा तीर्थ के पूर्व अध्यक्ष अमृतलाल जैन बताते हैं ने कि तीर्थ के प्रति युवा पीढ़ी का विगत कुछ वर्षों से जबरदस्त रुझान बढ़ा है। पूरे वर्ष जहां एक ओर युवा पीढ़ी अपने परिवार सहित नाकोड़ा दर्शन एवम भक्ति आराधना एवं पूजा अर्चना को आते हैं।
वहीं दूसरी ओर वे अपने मित्र मंडलियों एवम मंडल के साथ अपने गांव नगर से तीर्थ तक पैदल यात्रा कर पहुंचूते है ये उनकी श्री पार्श्व भैरव दादा के प्रति गहरी श्रद्धा,आस्था,समर्पण भावों का परिचायक है। ब्यावर से भी हर साल पैदल यात्रा के तहत विशेष दल नाकोड़ा दरबार पहुंचते हैं।
प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन,मनोज बडोला
फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर ब्यावर

