रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 1 फरवरी। प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट एक स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टि पर आधारित बजट है।
यह बजट यह स्पष्ट करता है कि सरकार तात्कालिक लोकलुभावन फैसलों से अधिक, देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत नींव पर खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर दिया गया है।
सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उत्पादन आधारित क्षेत्रों में निवेश यह दर्शाता है कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है।
हालाँकि, मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत की जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो सकी। यही कारण है कि आम आदमी की प्रतिक्रिया थोड़ी मिश्रित दिखाई दे रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था, एमएसएमई और रोजगार सृजन के प्रयास सकारात्मक हैं, लेकिन इनका जमीनी असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
कुल मिलाकर, यह बजट लोकप्रियता से अधिक नीतिगत स्पष्टता वाला बजट है।
यह बजट आज भले ही कुछ वर्गों को निराश करे, लेकिन यदि योजनाएँ सही तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले वर्षों में इसका लाभ देश की अर्थव्यवस्था को अवश्य मिलेगा।
एक लाइन में सार (Sound Bite):
“यह बजट राहत से ज़्यादा रोडमैप है — आज के लिए संयम, कल के लिए तैयारी।”

