पुण्यवाणी का उदय हुआ और आज मैं भी संयम की मांग की ओर अग्रसर हूं – मुमुक्षु सुश्री सिद्धि नाहर… माता हमेशा यह कहती थी कि हे जीव, सिद्ध बुद्ध मुक्त बनना – मुमुक्षु लाडो
बालोद (अमर छत्तीसगढ़) कार्यक्रम का प्रारंभ समता बालिका मंडल के अभिनंदन गीत एवं समता पाठशाला की बालिकाओं द्वारा जोरदार प्रस्तुति…










