हमारे भीतर के राग द्धेष बन रहे जीवात्मा के भव भ्रमण का कारण- हितेशमुनिजी मसा… समभाव की भावना स्थाई होने पर खुल जाते मुक्ति के द्वार- सचिनमुनिजी मसा
अम्बाजी के अंबिका जैन भवन में मुकेशमुनिजी म.सा. के सानिध्य में चातुर्मासिक प्रवचन अम्बाजी(अमर छत्तीसगढ), 21 अगस्त। मनुष्य जैसे कर्म…










